Mutual funds in Hindi or Mutual Fund kya hota hai

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Mutual funds in Hindi: पैसा इन्वेस्ट करना आपको आमिर नहीं बनाता लेकिन अच्छी जगह पर अपना पैसा इन्वेस्ट करना आपको अमीर बना सकता है पैसा ही पैसे को कमाता है बस हमें अपने पैसे को सही जगह लगाना आना चाहिए तो चलिए इस लेख के माध्यम से जानते है की म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) क्या होते हैं और ये कितने प्रकार के होते है और म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) कैसे काम करते हैं|

इस लेख में आपको Mutual funds in Hindi के बारे में सारी जानकारी मिल जाएगी|

अपने पैसे को इन्स्वेस्ट करने के बहुत सारे तरीके है जिनमे से म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Fund) बहुत ही अच्छा तरीका है आप अपने मेहनत के कमाए हुए पैसे को अलग अलग जगह पर इन्वेस्ट करके रख सकते है जिनमे में कुछ मुख्य तरीके इस प्रकार है:

  1. सेविंग अकाउंट (Saving Accounts)
  2. फिक्स्ड डिपाजिट (Fixed deposit)
  3. सोना या अन्य आभूषण (Gold or Jewelry)
  4. रियल एस्टेट या जमीन इत्यादि (Real Estate or Land etc)
  5. स्टॉक मार्किट (Stock Market)
  6. म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds)

अगर आपके पास पैसे है तो आप अपने उस पैसे को ऊपर दिए गए इन छह विकल्पों में से किसी भी एक में लगा सकते है और अपने पैसे को बढा सकते है परन्तु इन सबके अन्दर पैसा लगाने से ज्यादा आसन है SIP (Systematic Investment Plan) के द्वारा म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) में पैसा लगाना | इसके अनेक कारण इस प्रकार है:

मान लीजिये आप अपने बचत के पैसे को सेविंग अकाउंट में डालकर रखते है तो सेविंग अकाउंट से आपको 4% तक रिटर्न मिल सकता है परन्तु आप या बात भी ध्यान दीजिये की समय के साथ पैसे की कीमत भी घटती रहती है और जितना पैसा सेविंग अकाउंट में पैसा रखने से हमें रिटर्न मिलता है लगभग उतनी ही पैसे की कीमत भी समय के साथ कम हो जाती है तो क्या फायदा हुआ अपने बैंक अकाउंट में पैसा रखने का|

फिक्स्ड डिपाजिट आपको बैंक अकाउंट से ज्यादा पैसा दे सकता है परन्तु आपको वो पैसा एक निश्चित समय के लिए अपने फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट में ही रखना पड़ेगा आप उसको निकाल नहीं सकते है, अगर आपको किसी समय पैसे की जरुरत पड़ती है तो वह पैसा शायद आपके काम न आ पाए|

सोना या आभूषण को खरीदना एक अच्छा विकल्प हो सकता है लेकिन इसमें भी जरुरी नहीं है कि आपको ज्यादा रिटर्न मिलेगा परन्तु यह जरुर है की सोने की कीमत समय के साथ बढेगी | परन्तु सोने जैसी चीज को संभाल कर रखना भी अपने आप में एक चुनोती है|

जमीन खरीदकर या घर बनाकर भी आप अपने पैसे को इन्वेस्ट कर सकते है परन्तु इसके लिए आपको एक बहुत बड़ी मात्रा में एक साथ पैसे की भी आवश्यकता होगी और ऐसा करने में आपको काफी मेहनत तथा माथापची भी करनी पड़ेगी|

स्टॉक मार्किट में पैसा लगाने से आपको बहुत ज्यादा मुनाफा एक साथ हो सकता है परन्तु इसके लिए आपको स्टॉक मार्किट के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी होनी जरुरी है अगर अपके पास स्टॉक मार्किट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और आप किसी की बाते सुनकर या कहानी सुनकर स्टॉक मार्किट में पैसा लगा देते है तो आपको सारा पैसा डूब भी सकता है, इसके अन्दर बहुत ज्यादा रिस्क है|

म्यूच्यूअल फंड क्या होता हैं (What are Mutual Funds)

म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) के अन्दर निवेशक (Investor) अपना पैसा एसेट मैनेजमेंट कंपनी को देते है जिनमे एक फण्ड मेनेजर होता है जो फण्ड खोजकर्ताओ (Fund Researchers) के साथ काम करता है और यह फण्ड मेनेजर पैसे के रख-रखाव में बहुत ज्यादा योग्य होता है और यह अपनी उतम टीम के साथ काम करता है जो की हर समय मार्किट के उतार चदाव पर नज़र रख रही होती है|

यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी आपके पैसे को सही जगह पर लगाती है और इसके बदले आपसे बहुत कम पैसा लेती है यह कंपनी इन्वेस्टर से लगभग 1% तक पैसा लेती है और बाकि कमाई का सारा पैसा इन्वेस्टर को रिटर्न कर देती है| म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) का ज्यादातर पैसा शेयर मार्किट में लगाया जाता है इसीलिए इसमें भी रिस्क होता है|

म्यूच्यूअल फंड्स के फायदे (Benefits of Mutual Funds)

म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) में पैसा निवेश (Invest) करने के बहुत सारे फायदे है जैसे:

  1. म्यूच्यूअल फंड्स में आपको काफी म्यूच्यूअल फंड्स अच्छा वापिस (Return) मिल सकता है
  2. म्यूच्यूअल फंड्स पैसा इन्वेस्ट करने का क़ानूनी और सुरक्षित तरीका है
  3. म्यूच्यूअल फंड्स में आपको 4% से 30% तक मुनाफा मिल सकता है
  4. म्यूच्यूअल फंड्स में पैसा लगाने के लिए किसी डी मेट अकाउंट की जरुरत नहीं है
  5. म्यूच्यूअल फंड्स में आप अपना पैसा एकसाथ  या किस्तों (SIP) के तोर पर भी लगा सकते है
  6. म्यूच्यूअल फंड्स में आप अपना पैसा कभी भी किसी भी समय निकल सकते है
  7. म्यूच्यूअल फंड्स के अन्दर आप अपने पैसे को अपनी जरुरत के अनुसार लम्बे या कम समय के लिए लगा सकते है
  8. म्यूच्यूअल फंड्स सही है

म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) में कैसे निवेश करते हैं?

जिस म्यूच्यूअल फण्ड में आप निवेश करना चाहते है आप उसकी वेबसाइट पर जाकर उसमे सीधे निवेश (Invest) कर सकते है और अगर आपको म्यूच्यूअल फंड्स में इन्वेस्ट करने में कठिनाई होती है तो आप किसी म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) एडवाइजर की सलाह भी ले सकते हैं.

अगर आप अपने आप म्यूच्यूअल फंड्स की वेबसाइट पर जाकर निवेश करते हैं तो आप म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) स्कीम के डायरेक्ट प्लान में निवेश कर सकते हैं
अगर आप किसी म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) एडवाइजर की मदद से निवेश करते हैं तो आप म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) स्कीम के रेगुलर प्लान में निवेश करेंगे और इसमें आपको एडवाइजर को भी भुगतान करना पड़ेगा |

अगर आप सीधे निवेश करना चाहते हैं तो आपको उस म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) की वेबसाइट पर जाना पड़ेगा या फिरआप उस म्यूच्यूअल फण्ड के दफ्तर में भी अपने दस्तावेज के साथ जा सकते हैं वो आपके लिए निवेश कर देंगे|

म्यूच्यूअल फंड्स (Mutual Funds) के किसी भी डायरेक्ट प्लान में निवेश करने का फायदा यह है कि आपको किसी भी एडवाइजर को कमीशन नहीं देना पड़ता है इसलिए लंबी अवधि के निवेश में आपका रिटर्न बहुत बढ़ जाता है| परन्तु इसकी दिक्कत यह है कि इसमें आपको खुद से अच्छे म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) को खोजना पड़ेगा|

लोग म्यूच्यूअल फंड्स में पैसा लगाने से क्यों डरते है

जब म्यूच्यूअल फण्ड इतना सही है और फायदेमंद है तो लोग इसमें पैसा लगाने से क्यों डरते है इसके कुछ कारण इस प्रकार है:

म्यूच्यूअल फण्ड में पैसा सुरक्षित है या नहीं

म्यूच्यूअल फण्ड को SEBI (Securities and Exchange Board of India) कण्ट्रोल करती है जो की सरकार द्वारा मैनेज किया जाता है और SEBI सभी नियमो का पालन बड़ी ही सख्ती से करती है और ऐसे ही किसी कंपनी को म्यूच्यूअल फंड्स के लिए शामिल नही कर लेती इसलिए आपका पैसा म्यूच्यूअल फंड्स में बिलकुल सुरक्षित है|

  • फिक्स रिटर्न नही है

बैंक में जो पैसा देते है वो बैंक उस पैसे से पैसे कमा कर एक फिक्स पैसा आपको देता है और बाकि अपने आप रख लेता है जबकि म्यूच्यूअल फंड्स में एसेट मैनेजमेंट कंपनी लगभग 1%-2% पैसा अपने पास रखती है और बाकि सारा पैसा आपको वापिस कर देती है इसलिए यहाँ पर आपको फिक्स्ड रिटर्न तो नही मिलता परन्तु बैंक अकाउंट से ज्यादा जरुर मिल जाता है|

  • म्यूच्यूअल फण्ड शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करती है

यह सच है कि म्यूच्यूअल फंड्स मैनेजमेंट कंपनिया ज्यादातर पैसा शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करती है परन्तु वहा पर योग्य लोगो की टीम होती है जो हर पल मार्किट के उतर चदाव पर नजर रखती है फिर भी म्यूच्यूअल फंड्स में रिस्क तो है इसीलिए अपना म्यूच्यूअल फण्ड अच्छी तरह खोजबीन करके ही चुनें|

म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार (Types of Mutual Funds)

वैसे तो म्यूच्यूअल फंड्स के बहुत सारे प्रकार है परन्तु इसके 3 मुख्य प्रकार है जिनसे मिलकर बाकि सब म्यूच्यूअल फंड्स बनते है और ये तीन म्यूच्यूअल फंड्स के प्रकार निम्नलिखित है:

1) इक्विटी या ग्रोथ फण्ड (Equity or Growth Funds)

निवेश: इक्विटी फण्ड को ग्रोथ फण्ड भी कहते है क्योकि ये इन्वेस्ट किये गए पैसे की ज्यादा ग्रोथ करते है | इक्विटी फण्ड का पैसा शेयर मार्किट में लगाया जाता है

रिस्क तथा रिटर्न: इसमें आपको रिटर्न ज्यादा मिलता है इसलिए इसके अन्दर रिस्क भी ज्यादा है

अवधि:  इस फण्ड के अन्दर आप पैसा लगाना चाहते है तो आप ज्यादा लम्बे समय के लिए लगाइए जिससे आपको ज्यादा रिटर्न मिल सकते | इसके अन्दर आप कम से कम 5 साल के लिए पैसा लगाइए | यह फण्ड आपके दूर के गोल्स जैसे घर बनाना, बच्चो की सादी करना इत्यादि के लिए बिलकुल सही है

उदाहरण:

  • बड़ी कंपनियों में इन्वेस्ट किया गया फण्ड लार्ज कैप फण्ड कहलाता है
  • मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश किया गया फण्ड मिड कैप फण्ड कहलाता है ।
  • छोटे आकार की कंपनियों में निवेश किया गया फण्ड मिड कैप फण्ड कहलाता है |
  • जो फण्ड बड़ी, मध्यम व छोटी कंपनियों के मिश्रण में निवेश किया जाता है वो मल्टी कैप फण्ड कहलाता है ।
  • एक प्रकार के व्यवसाय में ही निवेश किया गया फण्ड सेक्टर फण्ड कहलाता हैं। जैसे प्रौद्योगिकी फंड वे हैं जो प्रोद्योगिकी कंपनियों में ही निवेश करते हैं
  • जो साझा थीम में निवेश करते हैं वे थेमेटिक फण्ड कहलाते है । जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जो उन कंपनियों में निवेश करते हैं जो इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट की वृद्धि से लाभ हासिल करती हैं
  • कर-बचत फंड वे फण्ड है जो टैक्स बचने के लिए काम आते है

2) डेब्ट फण्ड (Debt Funds)

निवेश: ये नियत आय (Fixed Income) प्रतिभूतियों (Securities) जैसे सरकारी प्रतिभूतियां या बॉन्ड, कॉमर्शियल पेपर या डिबेंचर, डिपॉज़िट के बैंक सर्टीफिकेट और ट्रेजरी बिल, कॉमर्शियल पेपर जैसे मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं।

रिस्क तथा रिटर्न: डेब्ट फण्ड में रिस्क बहुत कम होता है, इस तरह के फंड्स में निवेश करना काफी सुरक्षित माना जाता है और आय निर्माण के लिहाज से उपयुक्त होते हैं लेकिन इनमे इक्विटी फंड्स की तुलना में रिटर्न काफी कम मिलता है और इक्विटी की तुलना में रिस्क भी बेहद कम होता है |

उदाहरण: डेब्ट फंड्स में लिक्विड, लघु अवधि, फ्लोटिंग दर, कारपोरेट ऋण, डायनामिक बॉन्ड, गिफ्ट फंड आदि आते हैं

अवधि: इस तरह के फंड्स अल्पकालिक लक्ष्य (Short Term Goals) के लिए काफी सही माने जाते है क्योंकी भले ही इनमे रिटर्न कम हो परन्तु इनमे रिस्क भी काफी कम होता है

3) हाइब्रिड फंड्स (Hybrid Funds)

निवेश: ये इक्विटी और डेब्ट फंड्स दोनो में ही निवेश करते हैं, इक्विटी फंड्स इसको वृधि प्रदान करते है और डेब्ट फंड्स इनको सिथिरता (Stability) प्रदान करते है

रिस्क तथा रिटर्न: इक्विटी और डेब्ट फंड्स दोनों में ही हाइब्रिड फंड्स का निवेश होने के कारण हाइब्रिड फंड्स वृद्धि संभावनाओं के साथ-साथ आय निर्माण भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं।

अवधि: हाइब्रिड फंड्स में आप लघु अवधि (लघु अवधि) और दीर्घावधि (Long Term) दोनों ही के लिए आप इसमें इन्वेस्ट कर सकते है|

उदाहरण: कंसरवेटिव बैलेन्स्ड फंड, एग्रेसिव बैलेन्स्ड फंड, पेंशन फंड, चाइल्ड प्लान और मासिक आय योजना आदि इसके उदाहरण हैं।

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